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UP LPG Crisis: गैस संकट या सिर्फ अफवाह? •

UP LPG Crisis: भारत में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर एक अजीब सी बेचैनी का माहौल है। एक तरफ दुनिया के दूसरे कोने में चल रहा युद्ध है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर

Priyanshi
Priyanshi
2026-03-10
UP LPG Crisis: गैस संकट या सिर्फ अफवाह? •
UP LPG Crisis: गैस संकट या सिर्फ अफवाह? •

UP LPG Crisis: भारत में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर एक अजीब सी बेचैनी का माहौल है। एक तरफ दुनिया के दूसरे कोने में चल रहा युद्ध है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर इस पर मची जबरदस्त सियासत। अयोध्या से लेकर देवरिया तक, गलियों से लेकर संसद तक, बस एक ही सवाल तैर रहा है— “क्या सच में गैस खत्म होने वाली है?”

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समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है, वहीं सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन हकीकत क्या है? क्या वाकई आने वाले दिनों में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है?

सपा सांसद की डरावनी भविष्यवाणी: “सरकार बेबस हो जाएगी”

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के कद्दावर सांसद अवधेश प्रसाद ने एलपीजी की कमी को लेकर एक बड़ा और डराने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में शुरू हुई गैस की यह किल्लत कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि यह एक बड़े आर्थिक संकट की आहट है।

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अवधेश प्रसाद का कहना है कि सरकार ने सप्लाई की जांच के लिए जो तीन सदस्यों का पैनल बनाया है, वह इस संकट को रोकने में नाकाम रहेगा। उनके शब्दों में, “यह संकट दिन-ब-दिन बढ़ता जाएगा। LPG की कमी से हमारी पूरी इकॉनमी चरमरा जाएगी, महंगाई आसमान छुएगी और अंत में सरकार खुद को बेबस पाएगी।” विपक्ष का यह हमला सीधा आम आदमी की उस दुखती रग पर है, जो पहले ही बढ़ती कीमतों से परेशान है।

बीजेपी का पलटवार: “यह हमारी जंग नहीं, पर हम तैयार हैं”

विपक्ष के इन आरोपों पर देवरिया से बीजेपी सांसद शशांक मणि ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल और गैस की कीमतों में जो अस्थिरता दिख रही है, उसका कारण वैश्विक है। उन्होंने कहा, “यह जंग हमारी नहीं है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ा है।”

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार एनर्जी सिक्योरिटी पर बात करना चाहती थी, तब विपक्ष हंगामा करने और सदन का समय बर्बाद करने में लगा था। सरकार का रुख साफ है— भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी ऊर्जा जरूरतों से कोई समझौता नहीं करेगा।

सरकार का ‘मास्टर स्ट्रोक’: नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026

बढ़ते दबाव और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को देखते हुए पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जरूरी वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) को लागू करते हुए ‘नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026’ जारी कर दिया है।

यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज के रास्ते आने वाले शिपमेंट में देरी हो रही है। इस नए नियम के तहत सरकार अब खुद तय करेगी कि गैस की सप्लाई पहले कहाँ और कितनी होगी। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू रसोई गैस (LPG) की बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता को युद्ध का असर न झेलना पड़े।

जमीनी हकीकत: देवरिया में ‘पैनिक बुकिंग’ का दबाव

सियासी बयानों से इतर अगर हम जमीन पर उतरकर देखें, तो स्थिति थोड़ी अलग है। देवरिया के डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर (DSO) संजय कुमार पांडे के मुताबिक, सप्लाई की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उन्होंने बताया, “पिछले कुछ दिनों में त्योहारों और छुट्टियों की वजह से थोड़ी देरी हुई थी, लेकिन आज सप्लाई पूरी तरह रेगुलर है।”

असली समस्या सप्लाई की नहीं, बल्कि ‘पैनिक बुकिंग’ की है। लोग इस डर में कि कल गैस मिलेगी या नहीं, पहले से ही बुकिंग कर रहे हैं। इससे सिस्टम पर अचानक प्रेशर बढ़ गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि देश के पास आने वाले कई दिनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, बस लोगों को संयम बरतने की जरूरत है।

क्या आपको डरना चाहिए?

फिलहाल की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सरकार ने बैकअप प्लान तैयार कर लिया है। ‘नेचुरल गैस ऑर्डर 2026’ इसी तैयारी का हिस्सा है। विपक्ष का काम सरकार को सचेत करना है, लेकिन जनता के लिए सलाह यही है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग न करें। संकट वैश्विक है, लेकिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दीवार अभी मजबूत है।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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