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UP New Scheme For Women: यूपी में ‘रेशम सखी' क्रांति! 50,000 ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, घर बैठे रेशम कीट पालन से होगी बंपर कमाई

UP New Scheme For Women: उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब उन्हें घर बैठे न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपनी तकदीर

admin
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2025-04-12
UP New Scheme For Women: यूपी में ‘रेशम सखी' क्रांति! 50,000 ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, घर बैठे रेशम कीट पालन से होगी बंपर कमाई
UP New Scheme For Women: यूपी में ‘रेशम सखी' क्रांति! 50,000 ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, घर बैठे रेशम कीट पालन से होगी बंपर कमाई

UP New Scheme For Women: उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब उन्हें घर बैठे न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपनी तकदीर खुद लिख सकेंगी। योगी सरकार एक खास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं हजारों महिलाएं ‘रेशम सखी’ बनेंगी और रेशम के धागों से अपनी तरक्की का ताना-बाना बुनेंगी।

क्या है ‘रेशम सखी’ प्रोजेक्ट?

यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और रेशम विभाग मिलकर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतार रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच सालों के भीतर प्रदेश की 50,000 महिलाओं को रेशम कीट पालन के काम से जोड़ा जाए।

कैसे बनेंगी महिलाएं ‘रेशम सखी’?

  • मिलेगी खास ट्रेनिंग: महिलाओं को यूं ही नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें रेशम कीट पालने की पूरी तकनीक सिखाई जाएगी। इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

  • दो तरह के रेशम उत्पादन का ज्ञान: महिलाओं को शहतूत रेशम (Mulberry Silk) और तसर रेशम (Tasar Silk) – दोनों तरह के रेशम उत्पादन की बारीकियां सिखाई जाएंगी।

  • एक्सपोजर विजिट: हाल ही में महिलाओं की टीमों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए कर्नाटक के मैसूर (शहतूत रेशम के लिए) और झारखंड के रांची (तसर रेशम के लिए) भेजा गया, ताकि वे देखकर और समझकर इस काम में माहिर हो सकें।

पहले चरण में 7500 महिलाएं होंगी शामिल

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि इस योजना की शुरुआत तेजी से हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 15 जिलों की 7500 महिलाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इन जिलों में रेशम कीट पालन को सघन रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।

सिर्फ कमाई नहीं, सम्मान भी बढ़ेगा

यह योजना सिर्फ महिलाओं की जेब भरने तक ही सीमित नहीं है। इससे:

  • आर्थिक मजबूती: महिलाएं घर बैठे अच्छी कमाई कर सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

  • आत्मनिर्भरता: वे किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी और अपने फैसले खुद ले पाएंगी।

  • प्रदेश का विकास: उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन को पंख लगेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।

यह पहल दिखाती है कि कैसे सही दिशा में उठाए गए कदम ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं। ‘रेशम सखी’ प्रोजेक्ट वाकई में उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।

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Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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