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UP Samuhik Vivah Yojana: उत्तर प्रदेश में ‘सामूहिक विवाह योजना' से शुरू हुआ खुशियों का नया अध्याय

UP Samuhik Vivah Yojana: भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक बड़ी खामोश क्रांति हो रही है। यह क्रांति बंदूकों या नारों की नहीं, बल्कि ‘सम्मान&#821

Malvika
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2026-03-23
UP Samuhik Vivah Yojana: उत्तर प्रदेश में ‘सामूहिक विवाह योजना' से शुरू हुआ खुशियों का नया अध्याय
UP Samuhik Vivah Yojana: उत्तर प्रदेश में ‘सामूहिक विवाह योजना' से शुरू हुआ खुशियों का नया अध्याय

UP Samuhik Vivah Yojana: भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक बड़ी खामोश क्रांति हो रही है। यह क्रांति बंदूकों या नारों की नहीं, बल्कि ‘सम्मान’ और ‘स्वावलंबन’ की है। एक समय था जब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और गरीब इलाकों में बेटी का पैदा होना खुशी के साथ-साथ पिता के माथे पर चिंता की लकीरें भी ले आता था। चिंता—उसकी पढ़ाई की और उससे भी बड़ी चिंता—उसकी शादी के खर्च की। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस पुरानी धारणा को जड़ से उखाड़ फेंका है।

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5.20 लाख बेटियों के सपनों को मिले पंख
हाल ही में सामने आए आंकड़े किसी को भी हैरान कर सकते हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana) के माध्यम से अब तक 5.20 लाख से अधिक गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह महज एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन 5 लाख से ज्यादा पिताओं की कहानी है जिन्हें अब अपनी बेटी की शादी के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ा। यह उन 5 लाख से ज्यादा मांओं की मुस्कान है, जिन्होंने अपनी लाडली को पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदा होते देखा।

#9YearsOfWomenEmpowerment: नारी शक्ति का उदय
महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) के इन 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सीधे जनता के दिलों तक पहुंचती हैं। योगी सरकार की इस योजना के तहत न केवल आर्थिक सहायता दी जाती है, बल्कि विवाह के लिए जरूरी सामान और उपहार भी प्रदान किए जाते हैं। भव्य पंडाल, मंत्रोच्चार और पूरे रीति-रिवाज के साथ होने वाले ये आयोजन सामाजिक समरसता की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहे हैं, जहां बिना किसी जाति-पाति के भेदभाव के सामूहिक रूप से खुशियां बांटी जाती हैं।

बदलते उत्तर प्रदेश की नई पहचान
आज का ‘नया उत्तर प्रदेश’ अपनी बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि अपनी शक्ति मानता है। ‘कन्या सुमंगला योजना’ से लेकर ‘सामूहिक विवाह योजना’ तक, सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी विदाई तक एक मजबूत ढाल बनकर खड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मार्गदर्शन यह सुनिश्चित कर रहा है कि गरीबी किसी भी बेटी के सुनहरे भविष्य और उसकी शादी में बाधा न बने।

सामाजिक बदलाव का बड़ा संदेश
सामूहिक विवाह केवल फिजूलखर्ची रोकने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने का एक बड़ा मंच बन चुका है। इन आयोजनों ने समाज में यह संदेश दिया है कि शादियां सादगी और गरिमा के साथ भी हो सकती हैं। आज जब हम NewUttar Pradesh की बात करते हैं, तो उसमें इन 5.20 लाख परिवारों की दुआएं शामिल हैं, जो अब आत्मनिर्भरता की राह पर हैं। “हर बेटी का सम्मान, हर घर में मुस्कान” यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली बन चुका है। 5.20 लाख शादियां संपन्न कराना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश अब विकास और कल्याण के पथ पर तेजी से दौड़ रहा है।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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