News

UP Voter List Update 2026: लखनऊ में 30% तो गाजियाबाद में 28% वोट गायब, जानें क्यों उड़े राजनीतिक दलों के होश?

UP Voter List Update 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा SIR (Special Inquiry Report) के तहत ड्राफ्ट मत

Malvika
Malvika
2026-01-08
UP Voter List Update 2026: लखनऊ में 30% तो गाजियाबाद में 28% वोट गायब, जानें क्यों उड़े राजनीतिक दलों के होश?
UP Voter List Update 2026: लखनऊ में 30% तो गाजियाबाद में 28% वोट गायब, जानें क्यों उड़े राजनीतिक दलों के होश?

UP Voter List Update 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा SIR (Special Inquiry Report) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करते ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। आंकड़े इतने चौंकाने वाले हैं कि इसने न केवल विपक्षी दलों, बल्कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी नींद उड़ा दी है। ड्राफ्ट सूची के अनुसार, प्रदेश भर में लाखों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिसके बाद अब नए मतदाताओं को जोड़ने और कटे हुए नामों को दोबारा शामिल कराने के लिए ‘महा-अभियान’ शुरू हो गया है।

Rahul Gandhi: राजनीति में कांग्रेस की वापसी? राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का विश्लेषण

सीएम योगी और पंकज चौधरी ने संभाली कमान
ड्राफ्ट सूची में बड़े पैमाने पर हुए बदलावों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मोर्चा संभाल लिया है। हाल ही में एक हाई-लेवल वर्चुअल बैठक में राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी और संगठन के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। पार्टी ने अगले एक महीने को ‘करो या मरो’ की स्थिति में रखा है। भाजपा का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे, विशेष रूप से वे युवा जो पहली बार वोट डालने के हकदार हुए हैं।

BJP: राजनीति के वो ‘चाणक्य’ जिनकी रणनीति ने बदल दिया बीजेपी का भविष्य, क्या आप जानते हैं उनकी अनसुनी कहानी?

आंकड़ों का ‘खौफ’: लखनऊ और प्रयागराज में सबसे बड़ी कटौती
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा साझा किए गए आंकड़ों ने सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है। SIR प्रक्रिया के बाद यूपी में कुल 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

  • लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख (30.04%) मतदाताओं के नाम कटे हैं।

  • प्रयागराज: संगम नगरी दूसरे स्थान पर है, जहाँ 11.56 लाख (24.64%) नाम सूची से बाहर हुए हैं।

  • अन्य शहर: कानपुर नगर में 9 लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख और बरेली में 7.14 लाख वोट काटे गए हैं।

पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक ‘सफाई’ की लहर
वोट कटने का प्रतिशत कई जिलों में डराने वाला है। पश्चिमी यूपी की बात करें तो गाजियाबाद में 28.83%, गौतमबुद्ध नगर में 23.98% और मेरठ में 24.65% वोट कटे हैं। वहीं अवध और पूर्वांचल के इलाकों में भी स्थिति गंभीर है:

  • कानपुर नगर: 25.50% वोट गायब।

  • बलरामपुर: 25.98% की भारी कटौती।

  • बहराइच: 20.44% मतदाता सूची से बाहर।

  • वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी 18.18% नाम कटे हैं।

भाजपा का ‘प्लान-बी’ और नए मतदाताओं का जोश
भाजपा नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को तीन वर्गों पर फोकस करने को कहा है:

  1. नए युवा मतदाता: जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।

  2. त्रुटिवश कटे नाम: वे लोग जिनके दस्तावेज अधूरे थे या तकनीकी कारणों से नाम हट गए।

  3. मैपिंग से छूटे लोग: जिनका सत्यापन नहीं हो सका था।

राहत की बात यह है कि निर्वाचन आयोग ने नए नाम जोड़ने का पोर्टल खुला रखा है। अब तक 15 लाख से अधिक लोगों ने फॉर्म-6 (Form-6) भरकर आवेदन किया है।

आपका वोट, आपकी जिम्मेदारी
अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, तो यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या बीएलओ के माध्यम से अपनी स्थिति जांचें। यदि आपका नाम कट गया है, तो आपके पास उसे दोबारा जुड़वाने के लिए सीमित समय है। राजनीतिक दलों के लिए यह सिर्फ एक सूची नहीं, बल्कि आने वाले चुनाव का ‘पावर गेम’ है, क्योंकि 2.89 करोड़ वोट किसी भी दल का खेल बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखते हैं।

Enjoying this post?

Subscribe to Bolbindas to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

Malvika

Malvika

Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

More from Bolbindas

No other posts found.