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Uttarakhand tragedy 2025: उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, गंगोत्री जा रहे केरल के 28 तीर्थयात्री लापता, रेस्क्यू जारी

Uttarakhand tragedy 2025: देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर कुदरत के कहर से कांप उठी है। उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धराली गांव में मंगलवा

Chetan
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2025-08-06
Uttarakhand tragedy 2025: उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, गंगोत्री जा रहे केरल के 28 तीर्थयात्री लापता, रेस्क्यू जारी
Uttarakhand tragedy 2025: उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, गंगोत्री जा रहे केरल के 28 तीर्थयात्री लापता, रेस्क्यू जारी

Uttarakhand tragedy 2025: देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर कुदरत के कहर से कांप उठी है। उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धराली गांव में मंगलवार (5 अगस्त, 2025) को बादल फटने के बाद आई भीषण तबाही और भारी भूस्खलन ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। इस प्रलय के बाद, गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए निकले केरल के 28 पर्यटकों का एक जत्था भी लापता हो गया है, जिससे उनके परिवारों में कोहराम मच गया है।

आखिरी फोन कॉल के बाद टूटा संपर्क, परिवारों में छाई चिंता

केरल में बैठे इन पर्यटकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे हर पल किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। लापता समूह में शामिल एक दंपति के रिश्तेदार ने नम आंखों से बताया कि इन 28 लोगों में से 20 केरल के वे परिवार हैं, जो रोजी-रोटी के लिए महाराष्ट्र में बस गए थे, जबकि बाकी 8 लोग केरल के विभिन्न जिलों के रहने वाले थे।

उन्होंने बताया कि उनकी परिवार से आखिरी बातचीत एक दिन पहले हुई थी। रिश्तेदार ने आगे कहा, ‘उन्होंने हमें बताया था कि वे उस दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए निकलने वाले थे। और ठीक उसी रास्ते पर यह विनाशकारी भूस्खलन हुआ। उनके जाने के बाद से हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।’ यह 10 दिवसीय चार धाम यात्रा का हिस्सा थी जिसे हरिद्वार की एक ट्रेवल एजेंसी ने आयोजित किया था, लेकिन अब एजेंसी भी इस समूह के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही है, जिससे चिंता और भी बढ़ गई है।

उन्होंने आशंका जताते हुए कहा, ‘हो सकता है कि उनके फोन की बैटरी तब तक खत्म हो गई हो। उस क्षेत्र में फिलहाल कोई मोबाइल नेटवर्क नहीं है, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है।’

मलबे का ढेर बना खूबसूरत धराली गांव, अब तक 5 शव बरामद

यह उत्तराखंड आपदा कितनी भयावह थी, इसका अंदाज़ा धराली गांव की स्थिति से लगाया जा सकता है। मंगलवार दोपहर को बादल फटने के बाद आए सैलाब और मलबे के कारण इस खूबसूरत गांव का लगभग आधा हिस्सा कीचड़, पत्थरों और बाढ़ के पानी में समा गया है। अब तक मलबे से 5 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि यह गांव गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री जाने वाले मार्ग का एक प्रमुख पड़ाव है, और यहाँ पर्यटकों के लिए कई होटल और होमस्टे थे, जो अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।

युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: CM धामी

इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार (6 अगस्त, 2025) को आपदा स्थल का जायजा लेने के बाद तबाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘भारतीय सेना (Indian Army) और NDRF की टीमें अभी तक 190 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमें हर संभव मदद का भरोसा दिया है, उनके ही मार्गदर्शन में सभी कार्य हो रहे हैं।’

उन्होंने आगे बताया, ‘सभी घायलों को एयरलिफ्ट कर एम्स, ऋषिकेश पहुंचाया जा रहा है और उचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी वहां सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित है, जिसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम खराब होने के बावजूद हम राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से लगे हुए हैं।’


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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