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Vladimir Putin जल्द आएंगे भारत, डोभाल ने किया कन्फर्म, भड़के ट्रंप ने लगाया 50% टैरिफ, क्या झुकेगा भारत?

Vladimir Putin : अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के सबसे बड़े मंच पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को एक सन

Malvika
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2025-08-07
Vladimir Putin जल्द आएंगे भारत, डोभाल ने किया कन्फर्म, भड़के ट्रंप ने लगाया 50% टैरिफ, क्या झुकेगा भारत?
Vladimir Putin जल्द आएंगे भारत, डोभाल ने किया कन्फर्म, भड़के ट्रंप ने लगाया 50% टैरिफ, क्या झुकेगा भारत?

Vladimir Putin : अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के सबसे बड़े मंच पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को एक सनसनीखेज पुष्टि की है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत का दौरा करने वाले हैं. डोभाल, जो इस समय मॉस्को में हैं, ने दौरे की सटीक तारीखों का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन समाचार एजेंसी इंटरफैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह यात्रा इसी साल के अंत में होने की प्रबल संभावना है. इस खबर ने वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों (global geopolitical equations) में एक नई बहस छेड़ दी है.

मॉस्को में बोलते हुए, एनएसए डोभाल ने भारत-रूस संबंधों की गहराई पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “हमारे बीच एक विशेष और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते हैं, और हम इन संबंधों को बहुत महत्व देते हैं. हमारे बीच हमेशा उच्च-स्तरीय जुड़ाव रहा है, और इन मुलाकातों ने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है. हम राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की खबर से बेहद उत्साहित और खुश हैं. मुझे लगता है कि तारीखें अब लगभग तय हो चुकी हैं.”

नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ता तनाव: व्यापार युद्ध की आहट?

राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा एक ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को लेकर नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच तनाव अपने चरम पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी ऊर्जा खरीदकर यूक्रेन पर मास्को के युद्ध में मदद करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पटरी से उतर गई है.

मामले को और गंभीर बनाते हुए, ट्रंप ने बुधवार को एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत से आयात पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ (additional tariff) लगा दिया गया. यह कदम नई दिल्ली द्वारा लगातार रूसी तेल (Russian oil) की खरीद के जवाब में उठाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी धमकी दी है कि यदि मॉस्को शुक्रवार तक यूक्रेन में चल रहे युद्ध को (जो अब अपने चौथे वर्ष में है) रोकने के लिए सहमत नहीं होता, तो रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर सेकेंडरी टैरिफ भी लगाए जा सकते हैं. यह कदम भारत पर अभूतपूर्व दबाव बनाने की एक कोशिश है.

भारत-रूस व्यापार: एक अटूट रणनीतिक साझेदारी

भारत और रूस के बीच सोवियत संघ के जमाने से ही गहरे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंध रहे हैं. इन वर्षों में, दोनों देशों ने अपनी आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत किया है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंच गया है.

लगभग चार साल पहले युद्ध शुरू होने के बाद से, भारत रूसी तेल के सबसे बड़े आयातकों में से एक बनकर उभरा है. मई 2023 तक, भारत एक दिन में दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल की खरीद कर रहा था, जो उसके कुल तेल आयात का लगभग 45 प्रतिशत था. भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए यह व्यापार जारी रखा ہے.

ट्रंप-पुतिन की मुलाकात की भी तैयारी

इस बीच, क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का कार्यालय) ने गुरुवार को कहा कि पुतिन आने वाले दिनों में ट्रंप से भी मिलने वाले हैं. रूसी राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार, यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों पक्ष एक बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के लिए स्थान पर सहमति बन गई है और इसकी घोषणा बाद में की जाएगी. यह आगामी मुलाकात इस पूरे परिदृश्य में एक और दिलचस्प मोड़ लाती है.

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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