Yogi Adityanath Bengal Violence: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे और साफ शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी दंगाइयों को “शांतिदूत” कहती हैं, लेकिन ऐसे लोगों का इलाज बातों से नहीं, बल्कि ‘डंडे’ से ही होता है।
‘जिसे बांग्लादेश पसंद, वहीं चला जाए!’
हरदोई जिले के रुइया गढ़ी में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह के विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने बंगाल के हालातों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “बंगाल में पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है… बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं।” उन्होंने आगे कहा, “अगर कुछ लोग बांग्लादेश का समर्थन करते हैं तो उन्हें वहीं जाना चाहिए था।” योगी ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही केंद्रीय बलों ने वहां सुरक्षा व्यवस्था संभाली है।
‘दंगाइयों का उपचार डंडा ही है’
सीएम योगी ने कानून व्यवस्था पर अपने कड़े रुख को दोहराते हुए कहा, “दंगाइयों का उपचार डंडा ही है, क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते।” उन्होंने इशारों में यूपी मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां माफिया से जो जमीन खाली कराई जा रही है, उस पर गरीबों के लिए हॉस्पिटल बनाए जाएंगे।
‘नया भारत, मजबूत भारत’
अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान पर विश्वास जताने की बात कही और कहा, “हम सबको बाबा साहब आम्बेडकर के संविधान पर विश्वास करना है। यह नया भारत है और 2047 में भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने से कोई रोक नहीं पाएगा। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल वक्फ कानून संशोधन के विरोध में हुई हिंसा से जूझ रहा है। उनके इस बयान ने निश्चित रूप से सियासी पारा चढ़ा दिया है।
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