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Yogi Adityanath: योगी सरकार की नई फॉरेंसिक तकनीक से कांपेंगे अपराधी •

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी दुनिया में नजीर बनाने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपराधियों पर अंतिम प्

Malvika
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2026-03-20
Yogi Adityanath: योगी सरकार की नई फॉरेंसिक तकनीक से कांपेंगे अपराधी •
Yogi Adityanath: योगी सरकार की नई फॉरेंसिक तकनीक से कांपेंगे अपराधी •

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी दुनिया में नजीर बनाने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपराधियों पर अंतिम प्रहार करने की तैयारी कर ली है। अक्सर देखा जाता है कि ठोस सबूतों के अभाव में शातिर अपराधी कानून के शिकंजे से बच निकलते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। योगी सरकार यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS) में 5 ऐसी अत्याधुनिक लैब्स (Advanced Labs) स्थापित करने जा रही है, जो विज्ञान और तकनीक के संगम से अपराध की गुत्थी को चंद मिनटों में सुलझा देंगी।

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भविष्य के ‘क्राइम हंटर’ और मॉडर्न टेक्नोलॉजी

मुख्यमंत्री की मंशा साफ है—यूपी पुलिस को लाठी-डंडे वाली पुलिस से हटाकर ‘स्मार्ट और हाई-टेक पुलिस’ बनाना। संस्थान के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी के अनुसार, ये नई लैब्स न केवल पुलिस की जांच क्षमता बढ़ाएंगी, बल्कि यहाँ पढ़ रहे छात्र भविष्य के ऐसे ‘क्राइम हंटर’ बनेंगे, जिनके सामने दुनिया का बड़े से बड़ा हैकर या अपराधी टिक नहीं पाएगा।

वे 5 नई लैब्स, जो बदल देंगी जांच का तरीका:

  1. क्वांटम कंप्यूटिंग लैब (Quantum Computing Lab):
    आज के दौर में साइबर अपराधी एन्क्रिप्शन का सहारा लेते हैं। यह लैब जटिल से जटिल डेटा और कोडिंग को डिकोड करने में गेम-चेंजर साबित होगी। यह साइबर सुरक्षा की दुनिया में यूपी को सबसे आगे खड़ा कर देगी।

  2. चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब (Challenged Audio-Video Lab):
    अक्सर सीसीटीवी फुटेज धुंधले होते हैं या रिकॉर्डिंग की आवाज साफ नहीं होती। यह लैब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से धुंधले चेहरों को स्पष्ट करेगी और शोर के बीच छिपी असली आवाज को बाहर लाएगी। अब ‘धुंधली फुटेज’ का बहाना नहीं चलेगा।

  3. 3-डी प्रिंटिंग लैब (3-D Printing Lab):
    यह लैब क्राइम सीन (घटनास्थल) का हूबहू 3-डी मॉडल तैयार करेगी। इसके जरिए कोर्ट में जज के सामने घटना का सटीक री-क्रिएशन (Recreation) पेश किया जा सकेगा, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता बढ़ जाएगी।

  4. SCADA लैब:
    यह लैब विशेष रूप से औद्योगिक संस्थानों और पावर ग्रिड जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले साइबर हमलों की जांच करेगी। यह प्रदेश की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

  5. डिजिटल फॉरेंसिक लैब (Digital Forensic Lab):
    मोबाइल, लैपटॉप या क्लाउड से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करना अब और भी आसान होगा। अपराधियों द्वारा सबूत मिटाने की हर कोशिश अब नाकाम होगी।

मौजूदा ताकत और न्याय में तेजी

संस्थान में पहले से ही एडवांस्ड डीएनए प्रोफाइलिंग (DNA Profiling), एआई-ड्रोन, रोबोटिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसी 5 लैब्स काम कर रही हैं। इन नई 5 लैब्स के आने के बाद यूपी फॉरेंसिक के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की कतार में खड़ा हो जाएगा।

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योगी सरकार का मुख्य लक्ष्य ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति को वैज्ञानिक आधार देना है। जब साक्ष्य वैज्ञानिक होंगे, तो कोर्ट में केस मजबूत होगा और दोषियों को सजा मिलने में देरी नहीं होगी। इससे न केवल अपराध कम होंगे, बल्कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।

पुलिस और युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर

यह संस्थान सिर्फ एक जांच केंद्र नहीं, बल्कि एक ‘ट्रेनिंग हब’ भी है। यहाँ यूपी पुलिस के अधिकारियों को डिजिटल अपराधों से लड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही, युवाओं के लिए फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में करियर बनाने के अपार अवसर खुल रहे हैं।

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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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