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Yogi Adityanath: बाबासाहेब के सम्मान में खर्च होंगे ₹403 करोड़, विरोधियों के उड़े होश

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दे रही है। र

Malvika
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2026-04-11
Yogi Adityanath: बाबासाहेब के सम्मान में खर्च होंगे ₹403 करोड़, विरोधियों के उड़े होश
Yogi Adityanath: बाबासाहेब के सम्मान में खर्च होंगे ₹403 करोड़, विरोधियों के उड़े होश

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दे रही है। राज्य सरकार ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर और अन्य महान समाज सुधारकों के सम्मान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ₹403 करोड़ की विशाल धनराशि के साथ ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ (Dr. B.R. Ambedkar Murti Vikas Yojana) को मंजूरी दे दी है।

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क्या है यह योजना और क्यों है खास?
अक्सर देखा जाता था कि महापुरुषों की प्रतिमाएं देखरेख के अभाव में उपेक्षित रहती थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर और अन्य प्रमुख समाज सुधारकों की प्रतिमाओं का विकास, सौंदर्यीकरण और नियमित रखरखाव किया जाएगा।

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सरकार का मानना है कि ये प्रतिमाएं केवल पत्थर की मूर्तियां नहीं हैं, बल्कि ये हमारे समाज के गौरवशाली इतिहास और उन संघर्षों की याद दिलाती हैं जिन्होंने भारत को समानता का अधिकार दिया।

हर विधानसभा क्षेत्र में होगा कायाकल्प
योगी सरकार ने इस योजना के लिए ₹403 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके अंतर्गत प्रतिमाओं के आसपास के सार्वजनिक स्थलों को सुधारा जाएगा, वहाँ लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, बैठने की जगह बनाई जाएगी और पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा, क्योंकि इससे सार्वजनिक स्थलों की गुणवत्ता में सुधार होगा और विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

सामाजिक समरसता की ओर एक मजबूत कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम सामाजिक न्याय और समरसता का एक बड़ा संदेश है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार महापुरुषों के आदर्शों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि धरातल पर भी उन्हें सम्मान देना चाहती है। बाबासाहेब अंबेडकर के साथ-साथ अन्य उन समाज सुधारकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

विरासत और विकास का अनूठा संगम
यह योजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को सहेजने का एक बड़ा प्रयास है। मुख्यमंत्री जी के इस विजन से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के योगदान के बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर भी मिलेगा।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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