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Yogi Adityanath : योगी की वो महा-गर्जना जिससे थर्रा उठे माफिया, क्या अब यूपी में होगा अपराधियों का ‘द एंड'?

Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी मंच पर होते हैं, उनके शब्दों में न केवल प्रशासन की सख्ती झलकती है, बल्कि भारतीय संस्कृति का ग

Malvika
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2026-04-13
Yogi Adityanath : योगी की वो महा-गर्जना जिससे थर्रा उठे माफिया, क्या अब यूपी में होगा अपराधियों का ‘द एंड'?
Yogi Adityanath : योगी की वो महा-गर्जना जिससे थर्रा उठे माफिया, क्या अब यूपी में होगा अपराधियों का ‘द एंड'?

Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी मंच पर होते हैं, उनके शब्दों में न केवल प्रशासन की सख्ती झलकती है, बल्कि भारतीय संस्कृति का गहरा दर्शन भी समाहित होता है। हाल ही में लखीमपुर खीरी में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री का एक अलग ही रूप देखने को मिला। यहाँ उन्होंने एक ओर जहाँ अपराधियों और माफियाओं को ‘मिट्टी में मिलाने’ की दो टूक चेतावनी दी, वहीं दूसरी ओर एक प्राचीन संस्कृत श्लोक के माध्यम से समाज को जीवन का सबसे बड़ा मंत्र भी सिखाया।

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हर मनुष्य में है ‘मंत्र’ बनने की शक्ति: एक प्रेरक दर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत ही अर्थपूर्ण श्लोक साझा किया:

“अमंत्रं अक्षरं नास्ति नास्ति मूलं अनौषधं।
अयोग्य: पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभ:।।”

इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संसार में ऐसा कोई ‘अक्षर’ नहीं है जिसमें मंत्र बनने की क्षमता न हो। कोई ऐसी ‘वनस्पति’ या जड़ नहीं है जिसमें औषधि बनने का सामर्थ्य न हो। ठीक उसी तरह, इस दुनिया में ऐसा कोई ‘मनुष्य’ नहीं है जिसमें योग्यता न हो। हर व्यक्ति अपने आप में विशेष है और उसमें योग्य बनने की असीम क्षमता है।

लेकिन, कमी कहाँ रह जाती है? कमी है एक ‘योजक’ की—यानी वह मार्गदर्शक या नेतृत्व, जो उस योग्यता को पहचान कर उसे सही दिशा दे सके। योगी सरकार का लक्ष्य वही ‘योजक’ बनना है, जो प्रदेश के हर युवा, हर नागरिक की छिपी हुई प्रतिभा को निखार कर उसे राज्य के विकास से जोड़ सके।

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माफियाओं को आखिरी चेतावनी: “मिट्टी में मिलना तय है”
दर्शन की बात करने के बाद मुख्यमंत्री अपने चिर-परिचित सख्त अंदाज में नजर आए। लखीमपुर खीरी की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि अब इस धरती पर कोई माफिया पनप नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि कोई माफिया बनने का दुस्साहस करेगा, तो उसे मिट्टी में मिलने के लिए तैयार रहना होगा।”

यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत राज्य को अपराध मुक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। योगी जी ने स्पष्ट किया कि अब माफियाओं का ‘समांतर साम्राज्य’ नहीं चलेगा, बल्कि केवल कानून का राज होगा।

गरीब, युवा और वंचितों का ‘सुरक्षा कवच’
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में समाज के हर तबके के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा:

  • गरीबों का हक: किसी को भी गरीब की जमीन या उसके अधिकारों को छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • युवाओं का भविष्य: नौजवानों के रोजगार और उनकी नौकरी पर डकैती डालने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

  • दलित और वंचित सम्मान: हर दलित, पिछड़े और वंचित व्यक्ति का सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

योगी आदित्यनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास की राह में रोड़ा बनने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। लखीमपुर की यह जनसभा इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में ‘सुशासन’ की परिभाषा अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर अपराधियों के मन में खौफ और आम जनता के मन में विश्वास के रूप में दिखाई दे रही है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन एक नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश करता है। एक ऐसा प्रदेश जहाँ प्रतिभा का सम्मान है, युवाओं के लिए अवसर हैं, और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” के मंत्र के साथ योगी सरकार हर हाथ को काम और हर व्यक्ति को सम्मान देने की दिशा में अग्रसर है।


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Author of Bolbindas

Contributor and Lead Editor. Writing deep insights and analytical commentaries.

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