Yogi government: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसने प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं. कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में एक ऐसे प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है, जिससे सीधे तौर पर 12 करोड़ से अधिक महिलाओं की जिंदगी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यह फैसला न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा, बल्कि समाज में उनकी स्थिति को भी एक नई ऊंचाई देगा.
अब महिलाएं बनेंगी संपत्ति की मालकिन: स्टाम्प शुल्क में भारी छूट
सरकार के इस नए और क्रांतिकारी फैसले के अनुसार, अब उत्तर प्रदेश में यदि कोई महिला अपने नाम पर ₹1 करोड़ तक की संपत्ति खरीदती है, तो उसे स्टाम्प शुल्क में 1% की भारी छूट प्रदान की जाएगी. यह एक अभूतपूर्व निर्णय है, क्योंकि इससे पहले यह छूट केवल ₹10 लाख तक की संपत्ति की खरीद पर ही सीमित थी. इस बदलाव के बाद, जहाँ पुरुषों को जमीन की रजिस्ट्री पर 7% स्टाम्प शुल्क देना होगा, वहीं महिलाओं के लिए यह दर केवल 6% रहेगी. यह कदम महिलाओं को संपत्ति खरीदने और अपने नाम पर पंजीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र और सुरक्षित बन सकेंगी.
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने इस फैसले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है. उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को अधिक से अधिक अधिकार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. यह योजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए समान रूप से लागू होगी, जिससे बड़े पैमाने पर सामाजिक और आर्थिक समानता को बढ़ावा मिलेगा.
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले: विकास की नई रफ्तार
श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में कुल 38 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 37 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जो प्रदेश के विकास को एक नई गति प्रदान करेंगे.
- चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे का विस्तार: बुंदेलखंड के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के विस्तार को मंजूरी दी गई है. ₹939.67 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 15.17 किलोमीटर लंबा चार-लेन का एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में यात्रा को सुगम बनाएगा और विकास के नए अवसर पैदा करेगा.
- टाटा टेक्नोलॉजी के साथ तकनीकी शिक्षा में क्रांति: प्रदेश के सभी 121 पॉलिटेक्निक संस्थानों में ‘टाटा टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे. लगभग ₹6935.86 करोड़ के विशाल बजट के साथ, पहले चरण में 45 पॉलिटेक्निक को विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्राप्त होगा.
- पुरानी गाड़ियां होंगी बाहर: पर्यावरण संरक्षण और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए, 15 साल पुराने सभी सरकारी वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा.
- छात्रों को स्मार्टफोन की जगह मिलेंगे टैबलेट: विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना में बदलाव करते हुए अब छात्रों को केवल टैबलेट वितरित किए जाएंगे, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए.
किसानों और मत्स्य उद्योग के लिए बड़ी सौगात
योगी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.
- विश्व बैंक के सहयोग से किसानों का उत्थान: बुंदेलखंड और पूर्वांचल के किसानों की आय बढ़ाने के लिए विश्व बैंक के साथ मिलकर एक साझा कार्यक्रम चलाया जाएगा.
- मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा: उन्नाव में एक नई हैचरी सीड इकाई की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिससे मत्स्य उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही, “उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग” (UPAGRIS) परियोजना के तहत ₹4000 करोड़ का एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य एक्वाकल्चर और मत्स्य पालन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.
- जेवर एयरपोर्ट बनेगा एग्री-एक्सपोर्ट का हब: किसानों की उपज को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए जेवर हवाई अड्डे के पास एक अत्याधुनिक एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा. यह हब किसानों को उनकी फसलों के भंडारण और निर्यात के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा. इसके लिए कर्नाटक की कंपनी ‘इनोवा’ और यूएई की ‘एक्वा फिश’ को टेंडर दिया गया है, जो इस हब का विकास करेंगी.
यह तमाम फैसले उत्तर प्रदेश को एक नए और प्रगतिशील भविष्य की ओर ले जाने का वादा करते हैं, जहाँ महिलाएं सशक्त हैं, युवा कुशल हैं, और किसान समृद्ध हैं.
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